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शनिदेव का मकर राशि में प्रवेश, किसे होगा लाभ, किसे होगा क्लेश
January 29, 2020 • Rashtra Times

राशि मकर में प्रवेश करेगा। मकर राशि से उसकी तृतीय दृष्टि मीन पर, सप्तम दृष्टि कर्क पर व दशम दृष्टि तुला पर रहेगी। 12 मई से 29 सितंबर तक शनि वक्री रहेगा। अस्त व वक्री स्थिति में फल की कमी आती है व वक्री स्थिति में कार्य देरी से होते हैं। भारत देश के लिए वक्री स्थिति में काफी संभलकर चलना होगा। उथल-पुथल देखने को मिलेगी। राजनीति में भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा। देश के व्यावसायिक मामलों में अस्थिरता का वातावरण रहेगा। देश के प्रधान को संकटों का सामना करना पड़ेगा। शत्रुओं से परेशानी रहेगी लेकिन अंत में शत्रु पक्ष को हारना ही होगा। हैं- मेष राशि व लग्न वालों को दशम भाव से भ्रमण करने से व्यापार-व्यवसाय में उन्नति होगी, वहीं नौकरीपेशा भी लाभान्वित होंगे। नवीन कार्ययोजना बनेगी। बेरोजगार भी रोजगार पाने में सफल होंगे। बाहरी मामलों में सावधानीपूर्वक सफल होंगे। पारिवारिक समय मिला-जुला ठीक रहेगा। दांपत्य जीवन में अनुकूल स्थिति रहेगी।
वृषभ राशि व लग्न वालों के लिए नवम भाग्य भाव से मकर का शनि गोचर भ्रमण करेगा। भाग्य में वृद्धि होगी पिता का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय में प्रगति व नौकरीपेशा सुखद स्थिति पाएंगे। आर्थिक लाभ के योग बनते रहेंगे। शत्रु वर्ग परास्त होंगे। कोर्ट से संबंधित कार्यों में सफलता मिलेगी। कर्ज हो तो कर्ज की स्थिति कम होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
मिथुन राशि व लग्न वालों के लिए शनि का गोचर भ्रमण अष्टम भाव से होने से प्रारंभ के सवा साल काफी परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है। आपके कार्य में देरी होगी, वहीं धन कुटुम्बियों का सहयोग मिलने से कुछ राहत भी मिलेगी। संतान पक्ष से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य उत्तम ही रहेगा। विद्यार्थी वर्ग के लिए समय सुखद रहेगा। भाग्य साथ देगा।
कर्क राशि व लग्न वालों के लिए दांपत्य जीवन में अनुकूलता रहेगी, वहीं दैनिक व्यवसाय भी उत्तम रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से समय ठीक से व्यतीत होगा। समय आपके पक्ष में रहेगा। पारिवारिक मामलों में सहयोग के साथ प्रसन्नता भी रहेगी। मकान व भूमि संबंधित मामलों में कार्य बनते नजर आएंगे। जीवनसाथी से
महत्वपूर्ण सहयोग पाएंगे।
सिंह राशि व लग्न वालों के लिए मकर का शनि षष्ट भाव से गोचर भ्रमण करने से शत्रुओं का नाश होगा। कर्ज हो तो उससे मुक्ति मिलेगी। बाहरी मामलों में सुधार होगा। यात्राओं के योग बनेंगे। पराक्रम में वृद्धि होगी, वहीं भाइयों का सहयोग मिलने से राहत महसूस करेंगे। साझेदारी के कामों में अनुकूल सफलता मिलेगी।