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महाराष्ट्र के सियासी खेल में शरद पवार ने भाजपा को दी मात, दिग्गजों ने भी माना 'चाणक्य'
November 27, 2019 • Rashtra Times

मुंबई। NCP अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के सियासी खेल में भाजपा को मात देकर आखिरकार शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के सीएम बनने का रास्ता साफ कर ही दिया। शरद पवार के खेल में भाजपा उलझकर रह गई। राजनीति के धुरंधरों ने भी मान लिया कि महाराष्‍ट्र की राजनीति में शरद पवार ही असली चाणक्य है। मुंबई। NCP अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के सियासी खेल में भाजपा को मात देकर आखिरकार शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के सीएम बनने का रास्ता साफ कर ही दिया। शरद पवार के खेल में भाजपा उलझकर रह गई। राजनीति के धुरंधरों ने भी मान लिया कि महाराष्‍ट्र की राजनीति में शरद पवार ही असली चाणक्य है। मुंबई। NCP अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के सियासी खेल में भाजपा को मात देकर आखिरकार शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के सीएम बनने का रास्ता साफ कर ही दिया। शरद पवार के खेल में भाजपा उलझकर रह गई। राजनीति के धुरंधरों ने भी मान लिया कि महाराष्‍ट्र की राजनीति में शरद पवार ही असली चाणक्य है। मुंबई। NCP अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के सियासी खेल में भाजपा को मात देकर आखिरकार शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के सीएम बनने का रास्ता साफ कर ही दिया। शरद पवार के खेल में भाजपा उलझकर रह गई। राजनीति के धुरंधरों ने भी मान लिया कि महाराष्‍ट्र की राजनीति में शरद पवार ही असली चाणक्य है।

शरद पवार सात-सात बार महाराष्ट्र विधानसभा और लोकसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। वह 27 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने और 38 साल की उम्र में कांग्रेस की सरकार गिरा दी।


राकांपा अध्यक्ष को 1978 में उस समय ख्याति मिली जब उन्होंने वंसंतदादा पाटिल की सरकार गिराकर जनता पार्टी के साथ सरकार बना ली। उस समय उनकी उम्र मात्र 38 साल थी और वह महाराष्ट्र के सबसे युवा मुख्यमंत्री थे। शरद पवार जून 1988 से जून 1991 और मार्च 1993 से मार्च 1995 तक मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने जून 1991 और मार्च 1993 तक देश के रक्षामंत्री की जिम्मेदारी निभाई।


वर्ष 1999 में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने अपने रास्ते अलग किए और राकांपा की स्थापना की। 1999 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और राकांपा राज्य सरकार बनाने के लिए साथ आए।


शरद पवार मनमोहन सिंह की सरकार में देश के कृषि मंत्री बने और लगातार दस साल तक इस पद पर रहे। वह उन चुनिंदा नेताओं में है जिन्हें विचारधारा से इतर सभी पार्टियों में सम्मान मिलता है।


NCP अध्यक्ष पर अकसर विरोधी परिवारवाद बढ़ाने का आरोप लगते हैं। उनकी बेटी सुप्रिया सुले तीन बार से बारामती से सांसद हैं। उनके पोते रोहित पवार करजत जामखेड सीट से विधायक चुने गए हैं। राजनीति के अलावा शरद पवार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद सहित क्रिकेट निकायों से भी जुड़े रहे हैं।