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किसानों के अच्छे दिन लाने के लिए करने होंगे बड़े एलान
January 28, 2020 • Rashtra Times

मोदी 2.0 सरकार के दूसरे आम बजट से किसानों को बहुत उम्मीदें है। लगातार चुनौतियों से जूझ रहा किसान इस बार वित्तमंत्री से बड़ी आस लगाए बैठा हुआ है। वेबदुनिया ने बजट से पहले किसानों और कृषि एक्सपर्ट से किसानों के मुद्दें पर बात की।

भोपाल से सटे बिलकिसगंज में रहने वाले किसान प्रवीण परमार कहते हैं कि उनको पूरी उम्मीद हैं कि वित्त मंत्री अपने बजट पिटारे से किसानों को बड़ी सौगात देगी। वह कहते हैं कि आज सबसे बड़ी जरुरत इस बात की है कि खेती लाभ का धंधा बने इस ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए।

वह कहते हैं कि आज किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना है। पिछले कई सालों से फसल का सही दाम नहीं मिल पाने से किसान अपनी फसल सड़क पर फेंकने को मजबूर हो जाता है।

बजट को लेकर किसान नेता केदार सिरोही कहते हैं कि भले ही मोदी सरकार का इतिहास किसानों के प्रति सकरात्मक नहीं रहा हो लेकिन उनको बजट को लेकर काफी उम्मीदें है। वह कहते हैं कि सरकार ने किसानों को जो सपने दिखाए थे वह धरातल पर पूरे होते नहीं दिखाई दे रहे हैं।

बजट से उम्मीदों के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि सरकार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में बड़े एलान करने चाहिए। वह कहते हैं कि आज किसानों की खरीदी क्षमता (Purchasing Power) खत्म होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह टूटी चुकी है और सरकार को बजट में इस ओर ध्यान देना चाहिए।


मध्य प्रदेश में किसान कर्ज माफी का जिक्र करते हुए वो कहते हैं कि किसानों की कर्ज के जाल से निकालने के लिए सरकार को कुछ बड़े एलान करने होंगे। किसानों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए कहते हैं कि आज किसानों की इनकम गारंटी पर सोचने की जरूरत है इसके लिए किसानों से जुड़ी सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के लिए बजट में एलान वित्तमंत्री को करे चाहिए। वह कहते हैं आज पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी सवालों के घेरे में है।


किसानों की मुश्किलों पर चर्चा करते हुए केदार सिरोही कहते हैं कि कृषि को संकट से निकालने के लिए क्वालिटी इनपुट के लिए सरकार को विशेष काम करना होगा। वह कहते हैं कि आज उन्नत खेती के तरीके अपनाने के लिए कृषि से जुड़ी शिक्षाओं को बढ़ावा देना होगा और बजट में इसके लिए एक बड़ी राशि का आवंटन करना होगा।

वह कहते हैं कि आज किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता और बंपर पैदावार होने पर बड़ी मात्रा में तैयार फसल या तो खेतों में सड़ जाती है या किसान उनको औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है। वह कहते है कि आज जरुरत इस बात की है कि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की तरह एक कृषि कॉरिडोर का निर्माण हो। इसके साथ बजट में किसानों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट और स्पेशल फूड पार्क बनाने जैसे बड़े एलान सरकार को बजट में करने चाहिए।