हैदराबाद बलात्कार-हत्याकांड : तेलंगाना के CM राव ने तोड़ी चुप्पी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई
December 2, 2019 • Rashtra Times
हैदराबाद। हैदराबाद के निकट एक महिला पशु चिकित्सक के सामूहिक बलात्कार और हत्या को लेकर अंतत: चुप्पी तोड़ते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने मामले की तेजी से सुनवाई के लिए एक त्वरित अदालत गठित करने का रविवार को आदेश दिया और पीड़िता के परिवार को हर आवश्यक मदद मुहैया कराने का वादा किया। राव ने घटना के बाद पहली बार सार्वजनिक बयान देते हुए इसे 'वीभत्स' बताया और गहरा दु:ख प्रकट किया।
 
मुख्यमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस मामले के आरोपियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई हो और अपराधियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने मामले के निपटान के लिए त्वरित अदालत गठित करने का भी फैसला किया।
 
विज्ञप्ति में वारंगल में एक नाबालिग के बलात्कार एवं हत्या मामले के लिए त्वरित अदालत के गठन के कारण अपराध के 56 दिनों में फैसला सुनाए जाने का भी जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि राव का मानना है कि महिला पशु चिकित्सक के मामले में भी जल्द फैसला आना चाहिए।
विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार को हर आवश्यक मदद मुहैया कराए जाने का आश्वासन दिया और उन्होंने इस घटना को लेकर दु:ख प्रकट किया। इससे पहले मामले पर प्रतिक्रिया नहीं देने को लेकर कांग्रेस, भाजपा, वामदलों और अन्य दलों ने राव की आलोचना की थी।
 
राज्य भाजपा ने रविवार को कहा था कि तेलंगाना में हुए इस जघन्य कांड को लेकर पूरा देश स्तब्ध और गुस्से में है और ऐसे में मुख्यमंत्री आज विवाह समारोह में शामिल हो रहे हैं और फोटो खिंचवा रहे हैं। इस घटना को सामने आए 48 घंटे से भी अधिक का समय हो गया है, लेकिन मुख्यमंत्री ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
 
गौरतलब है कि सरकारी अस्पताल में काम करने वाली पशु चिकित्सक से गुरुवार रात शहर के बाहरी इलाके में चार लोगों ने बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। बाद में 25 वर्षीय इस महिला का झुलसा हुआ शव बरामद हुआ था। मामले के चार आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। कड़ी सुरक्षा वाली कोठरियों में आरोपी : हत्याकांड के चार आरोपियों को चेरापल्ली केन्द्रीय कारागार में कड़ी सुरक्षा वाली कोठरियों में एकांतवास में रखा गया है। साथ ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
लॉरी में काम करने वाले 20 से 24 साल के चार आरोपियों को बीते सप्ताह यहां पास ही में कथित रूप से एक महिला से बलात्कार और हत्या के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
 
अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उन्हें कड़ी सुरक्षा वाली कोठरियों में अलग-अलग रखा गया है। हम इन चारों पर कड़ी नजर रख रहे हैं ताकि वे अपने आप को कुछ (चोट मारना) न कर बैठें या फिर इस जघन्य अपराध के लिए अन्य कैदी उन पर हमला न कर दें। (