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एमबी अस्पताल की चिकित्साकर्मी पॉजिटिव मिली, परिवार के 2 और संक्रमित, मेडिकल स्टाफ के लिए सैंपल
April 3, 2020 • Rashtra Times

उदयपुर. शुक्रवार को उदयपुर में कोरोना पॉजिटिव के तीन नए मामले सामने आए। जो शहर के मल्लातलाई क्षेत्र में पहले संक्रमित मिले 16 साल के किशोर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। वहीं संक्रमित मिले परिवार के लोगों में एक महिला चिकित्साकर्मी बताई जा रही है। जिसके बाद कुल आंकड़ा 4 पर पहुंच गया है। साथ ही प्रशासन ने हाथीपोल, घंटाघर और अंबामाता थाना क्षेत्र के 16 कॉलोनियों में कर्फ्यू लगा दिया है। जो 16 अप्रैल तक रहेगा।

जानकारी अनुसार, आज पॉजिटिव मिले तीन लोगों में से एक महिला पहले संक्रमित मिले 16 साल के किशोर की मौसी है। जो उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के एमबी अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड में इंचार्ज है। भीलवाड़ा के बाद उदयपुर राजस्थान में पहली ऐसी जगह है जहां किसी चिकित्साकर्मी में कोरोना पॉजिटिव मिला है। जिसके बाद महिला से संपर्क में आए 24 मेडिकल स्टाफ के भी सैंपल लिए गए हैं।

किशोर इंदौर से ट्रेन से आया था उदयपुर, बोगी में साथ बैठे लोगों की तलाश शुरू

सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव किशोर इंदौर से ट्रेन से उदयपुर आया था, जो 21 मार्च को सुबह यहां पहुंचा था। यह ट्रेन के टिकिट से पता चला है। अब ट्रेन की उस बोगी में बैठे लोगों को तलाशा जा रहा है। किशोर के क्लोज कॉन्टेक्ट में परिवार के 12 लोगों के अलावा 5 अन्य लोग भी हैं। इनमें से 16 लोगों के सैंपल ले लिए गए हैं। 60 टीमों में क्षेत्र के 1888 घरों का सर्वे कर 9664 लोगों की स्क्रीनिंग की। इनमें से 6 लोग सर्दी-जुकाम से पीड़ित पाए गए हैं, जिनका उपचार किया गया है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की रेपिड रिस्पोंस टीम ने किशोर के घर तथा नगर निगम की टीम ने रजा कॉलोनी क्षेत्र में डिसइन्फेक्शन किया है।

एमबी अस्पताल की नर्स बोलीं : जब ये उदयपुर आया था तब ठीक था, हो सकता है संक्रमण मुझसे लग गया हो
गुरुवार को एमबी अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड की इंजार्च फीमेल नर्स ने बताया था कि कोरोना पीड़ित किशोर उनकी बहिन का बेटा है। जो इंदौर में पढ़ता है। 20 मार्च को उदयपुर आया था। तब स्वस्थ था। हम सब एक ही घर में रहते हैं। हालांकि अलग-अलग कमरों में रहते हैं। हो सकता है कि किशोर को संक्रमण मेरे कपड़ों व अन्य माध्यम से लग गया होगा। मैं कोरोना वायरस वार्ड के नीचे ही स्वाइन फ्लू वार्ड में नौकरी करती आ रह हूं। मेरी बहिन का बेटा कोरोना पॉजिटिव निकल जाएगा इसकी कल्पना नहीं की थी। पिछले दो सप्ताह से एहतियात के तौर पर हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन दवा के डोज भी लिए हैं।