ALL राजनीति मनोरंजन तकनीकी खेल कारोबार धार्मिक अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्रीय ई पेपर पीआर न्यूजवायर
दिल्ली सरकार पर एमसीडी का कोई पैसा बकाया नहीं : आम आदमी पार्टी
December 6, 2019 • Rashtra Times

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी ने कहा है कि सीएजी रिपोर्ट से एमसीडी का झूठ सबके सामने आ गया है। रिपोर्ट से साफ हो गया है कि दिल्ली सरकार पर एमसीडी का कोई पैसा बकाया नहीं है। आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार ने एमसीडी को कहीं ज्यादा पैसा दिया है और कोई बकाया नहीं है। बल्कि एमसीडी को दिल्ली सरकार का करीब चार हजार करोड़ रुपये देना है। उन्होंने कहा कि एमसीडी की ओर से झूठ बोला जाता है कि दिल्ली सरकार फंड जारी नहीं कर रही है, लेकिन सीएजी की रिपोर्ट से सारी सचाई सामने आ गई है। आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट से यह साफ है कि दिल्ली सरकार ने एमसीडी को लगातार पैसा दिया है। बीजेपी और कांग्रेस के निगम पार्षद जनता से झूठ बोलते रहे हैं। हम काफी पहले से बताते रहे हैं कि दिल्ली सरकार की तरफ एमसीडी का कोई पैसा बकाया नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि इस रिपोर्ट के मुताबिक एमसीडी पर दिल्ली सरकार का कई हजार करोड़ रुपये उधार बाकी है। सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार से दिल्ली सरकार को मिलने वाले फंड में 23 फीसदी की कमी की गई है, इसके बावजूद दिल्ली की केजरीवाल सरकार दिल्ली में बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर सड़कें, 24 घंटे बिजली, घर-घर पानी, महिलाओं की सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरा, महिलाओं की बसों में फ्री यात्रा, महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों में मार्शल, बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा जैसी सभी सुविधाएं जनता को उपलब्ध करा रही है। आप प्रवक्ता ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2018 तक बीजेपी शासित दिल्ली के तीनों निगमों पर दिल्ली सरकार का बकाया है। उत्तरी नगर निगम पर 2037 करोड़, पूर्वी नगर निगम पर 1395 करोड़ और दक्षिणी नगर निगम पर 381 करोड़ बकाया है। यही नहीं पिछले पांच साल से दिल्ली सरकार ने इस राशि पर कोई भी ब्याज नहीं लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगमों में भ्रष्टाचार के कारण दिवालियापन की स्थिति पैदा हो गई है। भारद्वाज ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनको अपने गवर्नेंस मॉडल पर इतना विश्वास है, तो वे नगर निगम में अपने 15 साल के गवर्नेंस मॉडल, और आम आदमी पार्टी 5 साल के दिल्ली सरकार के गवर्नेंस मॉडल पर लड़ेगी।