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दिल्ली फतह के लिए बीजेपी की चाह... और मजबूती से लड़े कांग्रेस
February 4, 2020 • Rashtra Times • राजनीति

दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अब महज तीन दिन ही शेष रह गए हैं। लेकिन देश की सबसे पुरानी पार्टी और दिल्ली की सत्ता पर लगातार 15 सालों तक राज करने वाली कांग्रेस का प्रचार अभियान में अभी तक जोर पकड़ता नहीं दिख रहा है। आखिरी दौर में आज प्रियंका गांधी की जनसभा दिल्ली में है जिसमें राहुल गांधी की भी मौजूदगी रहेगी। एक तरफ जहां बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। वहीं एनडीए के सहयोग के लिए नीतीश कुमार की भी रैली से दिल्ली दो-चार हो चुकी है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि दिल्ली चुनाव के लेकर कांग्रेस के इस ठंडे रवैये से पार्टी कार्यकर्ताओं से भी ज्यादा बीजेपी के नेता चितिंत हो रहे हैं। इस चुनाव से अब तक सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने जिस तरह से दूरी बना रखी, उससे कयास ये लगाये जाने लगे हैं कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच मौन सहमति जैसी कोई डील हो गई है। बीजेपी ये मान कर चल रही है कि अगर कांग्रेस लोकसभा चुनावों की तरह इस चुनाव में भी अपने प्रदर्शन में सुधार करती है तो इससे बीजेपी की राह और आसान हो जाएगा। लेकिन कांग्रेस के चुनावी मोड में सुस्ती दिखाने से बीजेपी की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली के चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकने वाली बीजेपी का मानना, कांग्रेस जितना अच्छा प्रदर्शन करेगी, बीजेपी और आप के बीच वोटों का अंतर घटता जाएगा। बीजेपी के आंतरिक सर्वे के मुताबिक, बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच वोट पर्सेंट का जो अंतर था, वह कम हुआ है। अगर कांग्रेस अच्छा करती है, तो बीजेपी को फायदा होगा। साथ ही बीजेपी फिलहाल पूरा जोर उन वोटरों को अपने साथ लाने के लिए लगाए हुए हैं, जिन्होंने अब तक तय नहीं किया है कि उन्हें किसके साथ जाना है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के इंटरनल सर्वे में ऐसे वोटरों की संख्या 12% है। 12 प्रतिशत मतदाता वो हैं, जिन्होंने अभी तक तय नहीं किया है कि उन्हें किसके साथ जाना है। वैसे भी शाहीन बाग को जोर-शोर से मुद्दा बनाना पार्टी के पक्ष में जा रहा है और सर्वे में जहां बीजेपी का वोट पर्सेंट 35-36 पर्सेंट के पास था और आम आदमी पार्टी का 46-47 पर्सेंट के पास, वह अंतर कम हो गया है। प्रचार के आखिरी दिनों में बीजेपी इस मुद्दे को लेकर और ज्यादा आक्रामक दिख रही है। पार्टी के सर्वे के मुताबिक, फिलहाल कांग्रेस को 5 पर्सेंट वोट मिलते दिख रहे हैं। बीजेपी चाहती है कि कांग्रेस इससे बेहतर करे। कांग्रेस जितना ठीक प्रदर्शन करेगी, उतना ही आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच वोटों का अंतर कम होता जाएगा। ऐसे में बीजेपी के नेता जिस अंदाज में लगातार शाहीन बाग को मुद्दा बना रहे हैं और चुनाव को राष्ट्रवाद के रंग में रंगने की कोशिश कर रहे हैं, उससे साफ है कि पार्टी हिंदू मतदाताओं को टारगेट कर रही है।