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भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल होगा, जहां ऐसे पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल होगा। इसमें प्रत्येक 10 लाख पार्ट्स में सल्फर की मौजूदगी सिर्फ 10 पार्ट्स होगी। इससे भारत में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण में काफी कमी आएगी। देश के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। देश में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में करीब 50 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि पिछले साल के अंत तक करीब सभी रिफाइनरियों ने बीएस-6 मानक वाले ईंधन का उत्पादन शुरू कर दिया था। अब तेल कंपनियां मौजूदा ईंधन की जगह नए ईंधन का इस्तेमाल शुरू करने की दिशा में पूरी कोशिश कर रही हैं। सिंह ने कहा कि 1 अप्रैल से बीएस-6 ईंधन की आपूर्ति शुरू करने को लेकर हमारी तैयारी ठीक चल रही है। करीब सभी रिफाइनरियों ने बीएस-6 ईंधन की आपूर्ति शुरू कर दी है। यह ईंधन देशभर के ऑइल डिपो में पहुंच चुका है। डिपो से यह ईंधन पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहा है। सिंह ने कहा कि अगले कुछ दिनों में पेट्रोल पंपों पर सिर्फ बीएस-6 मानक वाले ईंधन उपलब्ध होंगे। भारत ने पहले यूरो-3 ईंधन का इस्तेमाल 2010 में शुरू किया था। इसे भारत स्टेज-3 भी कहा जाता है। इसमें सल्फर की मात्रा 350 पीपीएम थी। इसके 7 साल बाद बीएस-4 लागू किया गया था। इसमें सल्फर की मात्रा 50 पीपीएम थी। बीएस-4 से बीएस-6 तक पहुंचने में सिर्फ 3 साल का समय लगा।
February 20, 2020 • Rashtra Times

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि बलात्कार के एक मामले में भाजपा के पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जमानत देने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने के संबंध में वह अगले हफ्ते विचार करेगा। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोन्साल्वेस ने बताया कि चिन्मयानंद को इस महीने की शुरुआत में उच्च न्यायालय द्वारा जमानत देने के आदेश को इस याचिका में चुनौती दी गई है। पीठ ने कहा कि याचिका को सूचीबद्ध करने के बारे में वह अगले हफ्ते विचार करेगी।
चिन्मयानंद को पिछले वर्ष 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। उसका न्यास शाहजहांपुर लॉ कॉलेज का संचालन करता है। उसी कॉलेज में पीड़िता पढ़ती थी। चिन्मयानंद ने कथित तौर पर उसका बलात्कार किया था।


लॉ की 23 वर्षीय छात्रा ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर डाली थी, उसके बाद पिछले वर्ष अगस्त में कुछ दिन तक उसका कोई पता नहीं लगा था जिसके बाद शीर्ष अदालत ने इस मामले में दखल दिया था।


शीर्ष अदालत के निर्देश पर गठित उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल ने चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तीन फरवरी को उसे जमानत दे दी थी।


पीड़ित छात्रा के खिलाफ भी शिकायत मिली थी कि उसने और उसके दोस्तों ने कथित तौर पर चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपए की उगाही करने की कोशिश की थी। उसने पूर्व मंत्री के मालिश करवाते वीडियो सार्वजनिक करने की भी कथित धमकी दी थी। इसके बाद एसआईटी ने छात्रा को भी गिरफ्तार कर लिया था।