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519 अंक नीचे खुला डाउ जोंस, देश में संक्रमितों का आंकड़ा 7.92 लाख के पार, नौकरियां बचाने के लिए विदेशी नागरिकों का प्रवासन अस्थायी तौर से बंद होगा
April 21, 2020 • Rashtra Times

न्यूयॉर्क. मंगलवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ खुले। डाउ जोंस 2.19 फीसदी की गिरावट के साथ 519 अंक नीचे खुला। नैस्डैक 1.19 फीसदी की गिरावट के साथ 101 अंक नीचे और एसएंडपी 1.71 फीसदी की गिरावट के साथ 48 अंक नीचे खुला। बाजार खुलते समय डाउ जोंस 23131, नैस्डैक 8459 और एसएंडपी 2778 अंक पर कारोबार कर रहे थे। मंगलवार को दुनिया के लगभग सभी बाजारों में गिरावट रही। जापान का निक्केई 388 अंक, हॉन्ग-कॉन्ग का हैंगसैंग 536 अंक, साउथ कोरिया का कोस्पी 18 अंक और भारत का निफ्टी 280 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए।
सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुआ था डाउ जोंस
सोमवार को डाउ जोंस 2.44 फीसदी यानी 592 अंक की गिरावट के साथ 23650 अंक पर बंद हुआ था। नैस्डैक 1.03 फीसदी यानी 89 अंक की गिरावट के साथ 8560 अंक पर और एसएंडपी 1.79 फीसदी यानी 51 अंक की गिरावट के साथ 2823 अंक पर बंद हुआ था। अमेरिका: 1.68 करोड़ लोग बेरोजगार हुए, अब तक 42,518 लोगों की मौत

अमेरिका मे कोरोना से लगातार हो रहीं मौतों से निवेशक घबराए हुए हैं। अमेरिका में 24 घंटे में 1,939 लोगों की जान गई हैं और 28 हजार 123 मरीज मिले हैं। यहां अब तक 42 हजार 518 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इस संकट में वायरस के खतरे से बचने और अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां बचाने के लिए वे देश में विदेशी नागरिकों का प्रवासन अस्थायी तौर पर बंद करेंगे। अमेरिका में कोरोना के कहर के कारण बेरोजगारी दर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यहां अब तक 1.68 करोड़ लोग बेरोजगार हुए। नागरिकों की नौकरी जाने की वजह से राष्ट्रपति ने यह फैसला लिया है। 
ट्रम्प ने ट्वीट किया- अदृश्य दुश्मन के हमले को देखते हुए ग्रेट अमेरिकियों की नौकरी बचाने के लिए मैं यहां बसने वाले विदेशी नागरिकों के पाबंदी वाले अस्थायी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। अमेरिका में सोमवार को कच्चे तेल की कीमत 15 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई। दो दशक में यह कच्चे तेल की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट है। इसकी वजह तेल की मांग कम होना है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट में भी तेल के दाम में 4.1% की गिरावट देखी गई।
अमेरिका में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य न्यूयॉर्क है, जहां अब तक 18 हजार 929 लोगों की जा जा चुकी है। न्यूयॉर्क स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को बताया कि न्यूयॉर्क स्टेट में अभी तक दो लाख 47 हजार 512 संक्रमित हैं। वहीं न्यूयॉर्क शहर में यह आंकड़ा एक लाख 36 हजार 806 है। इससे पहले न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्यूमो ने बताया कि रविवार को न्यूयॉर्क में 478 संक्रमितों की मौत हुई है जबकि शनिवार को 507 लोगों ने जान गंवाई थी। आज 1011 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ सेंसेक्स
मंगलवार यानी सप्ताह में कारोबार के दूसरे दिन बाजार भारी गिरावट के बंद हुआ। आज सेंसेक्स 811.81 अंक नीचे और निफ्टी 244.90 पॉइंट नीचे खुला। दिनभर की ट्रेडिंग के बाद बाजार बढ़त बनाने में सफल नहीं हो पाया। बैंकिंग, ऑटो और टेलीकॉम सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स ने 1011.29 अंक या 3.20% नीचे 30,636.71 पर और निफ्टी 280.25 पॉइंट या 3.03% नीचे 8,981.60 का कारोबार किया। इससे पहले सोमवार को बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। 467.47 अंकों की मजबूद बढ़त के साथ खुलने के बाद भी सेंसेक्स बेहतर कारोबार नहीं कर पाया। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स ने 59.28 अंक ऊपर 31,648.00 पर और निफ्टी 4.90 पॉइंट नीचे 9,261.85 का कारोबार किया था। बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण

अमेरिकी क्रूड ऑयल प्राइस के बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) के मई फ्यूचर्स का भाव सोमवार को माइनस 37.63 डॉलर प्रति बैरल तक फिसल गया। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ। इस वजह से अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली। इसका असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।
कोविड-19 की वजह से इस साल एशिया की आर्थिक विकास दर शून्य रह सकती है। यदि ऐसा हुआ तो यह पिछले 60 साल का सबसे खराब प्रदर्शन होगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पिछले हफ्ते यह आशंका जताई थी। साथ ही कहा था कि आर्थिक गतिविधियों के मामले में अन्य क्षेत्रों की तुलना में एशिया अब भी बेहतर स्थिति में है।
फिच सॉल्यूशंस का कहना है कि सरकार की ओर से राहत पैकेज में तेजी नहीं दिखाने के चलते अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ेंगी। फिच ने चीन की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 2.6% से घटाकर 1.1% किया है। उसका कहना है कि निजी खपत और एक्सपोर्ट घटने की वजह से ग्रोथ पर असर पड़ेगा।